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देश पर बारिश का डबल अटैक! कहीं बहे हजारों LPG सिलेंडर, कहीं इमारत गिरी, कहीं भूस्खलन... कई राज्यों में तबाही का डरावना मंजर

 


नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून अब राहत नहीं बल्कि बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई स्थानों पर बाढ़, जलभराव, भूस्खलन, मकान गिरने और सड़कें बंद होने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। कई राज्यों से जनहानि की भी खबरें हैं, जबकि राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं।

मौसम विभाग ने देश के 17 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है।

दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश, कई इलाकों में जलभराव

दिल्ली और एनसीआर में मंगलवार से शुरू हुई बारिश गुरुवार तक जारी रही। लगातार वर्षा के कारण कई अंडरपास, मुख्य सड़कें और निचले इलाके पानी से भर गए। कई स्थानों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला।

मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।

दिल्ली में इमारत गिरने से चार लोगों की मौत

राजधानी के रोहिणी सेक्टर-16 में बुधवार शाम एक पांच मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिर गई। हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबा हटाने का अभियान शुरू किया गया।

अधिकारियों के अनुसार इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया गया। घटना की जांच जारी है और इमारत गिरने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

महाराष्ट्र में बाढ़ का कहर, नदी में बह गए हजारों गैस सिलेंडर

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले से सामने आया वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लगातार बारिश और बाढ़ के कारण एचपीसीएल के पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में पानी घुस गया। अधिकारियों के अनुसार प्लांट की एक दीवार क्षतिग्रस्त होने के बाद तेज बहाव के कारण बड़ी संख्या में एलपीजी सिलेंडर नदी में बह गए।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि नदी किनारे या आसपास बहकर आने वाले किसी भी सिलेंडर को हाथ न लगाएं और तुरंत प्रशासन को सूचना दें।

इसके अलावा महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवड़ में कचरे का बड़ा ढेर गिरने से एक तीन मंजिला इमारत ढह गई। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे में कई लोग फंसे हो सकते हैं। बचाव दल लगातार राहत कार्य में जुटा हुआ है।

मुंबई, नासिक और अन्य जिलों में भी लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

गुजरात में बाढ़ जैसे हालात, कई लोगों की मौत

गुजरात के सूरत जिले में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। निचले क्षेत्रों में घरों, दुकानों और व्यावसायिक परिसरों में पानी भर गया।

प्रशासन ने हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राहत शिविरों की व्यवस्था की गई है और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में कई लोगों की मौत हुई है। अधिकांश मामलों में डूबने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन लोगों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील कर रहा है।

मध्य प्रदेश में तेज बहाव में बहा युवक

मध्य प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा।

खरगोन जिले में रूपारेल नदी के तेज बहाव में एक युवक बह गया। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल उसकी तलाश में जुटे हुए हैं।

राज्य के कई जिलों में प्रशासन ने नदियों और पुलों के पास लोगों की आवाजाही सीमित करने के निर्देश जारी किए हैं।

उत्तराखंड में भूस्खलन से बंद हुए रास्ते

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।

उत्तरकाशी में नालूपानी और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। टिहरी जिले में भी एक मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया।

सीमावर्ती और पर्वतीय क्षेत्रों में प्रशासन ने यात्रियों को केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।

केरल में सुरंग परियोजना के पास भूस्खलन

केरल के वायनाड जिले में निर्माणाधीन सुरंग परियोजना के पास हुए भूस्खलन ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है।

बचाव दल लगातार मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। प्रभावित क्षेत्र में राहत अभियान जारी है और भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने की घटनाएं

उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश के बीच कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।

देवरिया, पीलीभीत और इटावा में बिजली गिरने से किसानों की मौत की खबरें मिली हैं। वहीं आगरा, बदायूं और मथुरा में बारिश के दौरान मकान और दुकान गिरने की घटनाओं में कई लोग घायल हुए।

प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है।

हिमाचल प्रदेश में भी बढ़ा खतरा

हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की घटनाएं सामने आई हैं।

पहाड़ी इलाकों में यात्रा कर रहे लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है।

इसके साथ ही तेज हवाएं, बिजली गिरने और कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की भी चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है।

प्रशासन की अपील

अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि—

  • जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

  • नदी, नालों और पुलों के पास अनावश्यक रूप से न जाएं।

  • मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें।

  • किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करें।

  • सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों से बचें।

देश के कई राज्यों में जारी भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कहीं बाढ़ का पानी शहरों में घुस गया है, कहीं भूस्खलन ने सड़कें बंद कर दी हैं और कहीं इमारतें गिरने तथा जलभराव जैसी घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राहत एवं बचाव एजेंसियां लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले दिनों में भी सतर्कता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों की सावधानी और समय पर दी गई जानकारी किसी भी बड़ी दुर्घटना को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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